रियल स्टोरी 24: दिल्ली विधानसभा और पंजाब पुलिस के बीच संवैधानिक टकराव की स्थिति बन गई है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी के सदन में दिए गए बयान से जुड़ी FIR को विशेषाधिकार का उल्लंघन माना है।
इस मामले में अब पंजाब पुलिस के DGP, जालंधर के पुलिस कमिश्नर और पंजाब के गृह सचिव की भूमिका की जांच विशेषाधिकार समिति करेगी।
विवाद 6 जनवरी 2026 को आतिशी के विधानसभा भाषण की वीडियो क्लिप से जुड़ा है, जिस पर पंजाब पुलिस ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की थी। वहीं, दिल्ली विधानसभा सचिवालय की फॉरेंसिक जांच में वीडियो को सदन की आधिकारिक कार्यवाही बताया गया।
कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने इसे संविधान के अनुच्छेद 361A का उल्लंघन करार दिया है। स्पीकर ने पुलिस के तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि विशेषाधिकार मामलों में सब-ज्यूडिस का नियम लागू नहीं होता।
